Hindi Poem – तू मुझमें है, मैं तुझमें हूँ।

तू मुझमें है, मैं तुझमें हूँ।

शायद अलग थे हम कभी,
पर अब तू मुझमें है मैं तुझमें हूँ।
इस कदर जुड़े हैं इस दिल के तार,
कि खुश है तू तो खुश मैं भी हूँ।

करता हूँ तेरे लिए ये प्रार्थना,
तेरा हर दुःख मेरा बने।
जो कुछ सुख मिला मुझे,
वो सब कुछ तुझको मिले।

तेरी हर चोट से और दुःख से,
मुझको भी दुःख होता है।
तू भूल नहीं सकता कभी,
तेरे जिस्म का अंश एक मैं भी हूँ।

सुनूंगा जब तेरी सफलता कि  कहानी,
अनंत ख़ुशी से भर जाऊँगा मैं।
मुझको फिर क्या चाहिए?
तू है कामयाब तो मैं भी हूँ।

साँसे कभी रुकना चाहेंगी,
तो तेरे बदले मर जाऊँगा मैं।
फिर भी मरकर ना मरूंगा,
तू जिंदा है तो मैं भी हूँ।